नई दिल्ली।  नार्थ ब्लॉक में हाई लेबल की मीटिंग बुलाने से यह साफ हो गया है कि सब कुछ ठीक नहीं है। हंसराज अहीर ने यह स्पष्ट तौर पर कहा है कि आतंकी सुरक्षा चक्र को भेदने में कामयाब हो गए लेकिन उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

श्रीनगर में  बीएसएफ कैंप पर हमला करने वाले आतंकी सेना के चक्रव्यूह को भेदने में कामयाब रहे थे। चार स्तरीय सुरक्षा के बावजूद दो आतंकी ऐडमिन ब्लॉक तक घुस चुके थे, यद्यपि  चौकस जवानों ने संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद उन्हें मार गिराया। अब रक्षा विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने संवेदनशील इलाके में स्थित बीएसएफ कैंप के अंदर आतंकवादी घुसने में कैसे कामयाब हुए?

आखिर चार स्तरों की सुरक्षा वाले इलाके को भेदते हुए आतंकी अंदर कैसे दाखिल हो गए? खुद गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने इस ‘चूक’ को स्वीकार किया है। उधर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस हमले के मद्देनजर दिल्ली में एक हाई लेवल मीटिंग की।

बीएसएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संवाददाताओं को हमले को लेकर जानकारी दी। कश्मीर के आईजी मुनीर खान ने सुरक्षा में चूक की खबरों को खारिज किया और यहाँ तक कहा कि आतंकियों को तुरंत ही मुंहतोड़ जवाब दिया गया।  कुछ देर में एक आतंकी को मार गिराया गया। दो आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर कैंप में घुसने में कामयाब रहे। आतंकियों को बहादुर सैनिकों ने मार गिराया किन्तु यह भी सच है कि आतंकी सुरक्षा चक्र को तोड़ने में कामयाब हो चुके थे।

मुनीर खान ने  कहा कि इसके बाद बीएसएफ ने ऑपरेशन शुरू कर दिया। सीआरपीएफ और बड़गाम पुलिस भी ऑपरेशन में जुड़ गई। एक छोटी मुठभेड़ के बाद दोनों आतंकियों को मार गिराया गया। एक आतंकी ऐडमिन ब्लॉक में छिपा था।

खान ने कहा कि ऑपरेशन बहुत जल्दी खत्म किया जा सकता था, लेकिन रिहायशी एरिया होने के कारण एहतियात बरती गई। खान ने बताया कि इस हमले में बीएसएफ के एक ASI शहीद हुए, जबकि तीन जवान घायल हुए। खान ने कहा कि यह हमला एयरपोर्ट पर नहीं किया गया था। इस घटना को लेकर राजनाथ सिंह बड़ी बैठक करने वाले हैं। कहा जा रहा है कि सुरक्षा में हुई चूक की चर्चा बैठक में होगी।

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