भवन निर्माण नही होने के कारण प्राथमिक विद्यालय में घूम रहे आवारा पशु

अमर भारती संवादाता
चिलकाना। के प्राथमिक विद्यालय नं,1 एवं प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर में भवन निर्माण ना होने के कारण जहां शिक्षकों द्वारा छात्रों को खुले में पढ़ाया जा रहा है।
वहीं विद्यालय में आवारा पशु घूमते नजर आ रहे हैं। शिक्षा के मंदिर का खुला मजाक बनता नजर आ रहा है।शिक्षकों एवं छात्रों को शिक्षण कार्य में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा जहां गरीब बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है सरकारी स्कूलों में मिड डे मील मुफ्त ड्रेस जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है।
वहीं चिलकाना सुल्तानपुर के प्राथमिक विद्यालयों में भवन निर्माण एवं गेट के ना होने के कारण शिक्षण कार्य में भारी बाधा उत्पन्न हो रही है। शिक्षा के मंदिर में आवारा पशु घूमते नजर आ रहे हैं। शिक्षा विभाग द्वारा सरकार के दावों को खोखला किया जा रहा है।
नगर के सभी प्राथमिक विद्यालयों को जर्जर स्थिति में होने के कारण गत वर्ष मार्च 2021 में विभाग द्वारा तुड़वा दिया गया था। जिनका मलबा भी नीलामी कर बेच दिया गया था। स्कूल तुड़वा कर अधिकारियों द्वारा मलबे की नीलामी करने के पश्चात इन स्कूलों की कोई सुध नहीं ली गई। जिस कारण शिक्षक बच्चों को खुले में पढ़ाने पर मजबूर है। वहीं स्कूल में गेट ना होने के कारण आवारा पशु स्कूल के अंदर घुस आते हैं। जिससे शिक्षक व बच्चे असहज महसूस करते हैं।
प्राथमिक विद्यालयों की प्रधानाचार्य शालू जैन से मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय भवन को टूटे हुए 2 वर्ष होने को आ रहे हैं।लेकिन अभी तक विभाग से धनराशि आवंटित नहीं की गई है।सभी विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए यू डाइ? कॉड के माध्यम से एक ही समय में धनराशि आवंटित की जाएगी। लेकिन अभी धनराशि आवंटित नहीं हो पाई है।