पालतू कुत्तों के काटने से बच्चों के जख्मी होने के मामले में डीएमऔर एसएसपी को नोटिस

अमर भारती संवाददाता
गाजियाबाद। पिछले दिनों पालतू कुत्तों के काटने से जख्मी हुए बच्चों के मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने संज्ञान ले लिया है। आयोग ने जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त को नोटिस जारी कर 20 दिन के अंदर अब की गई कार्रवाई का विवरण तलब किया है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता विष्णु गुप्ता की याचिका को स्वीकार कर चार बिंदुओं पर तीनों विभागाध्यक्षों से ब्यौरा मांगा है। पहला अभिभावकों की ओर से थाने में दर्ज कराए गए मामलों में पुलिस की कार्यवाही, बच्चों के इलाज की व्यवस्था और आवश्यक वित्तीय सहायता के संबंध में की गई कार्यवाही की रिपोर्ट तलब की गई है। इसके अलावा प्रकरण में संबंधित सुझावों पर पारित रिपोर्ट और अब तक की गई कार्यवाही की विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने के लिए आदेशित किया है। याचिका में मानवाधिकार कार्यकर्ता ने कहा है कि पालतू कुत्ते के काटने से जहां बच्चों को गहरे जख्म हुए हैं वहीं उसके इलाज में अभिभावकों को लाखों खर्च करने पड़े हैं। पालतू कुत्तों का पंजीकरण, वैक्सीनेशन, टीकाकरण के साथ घर से बाहर कुत्तों को निकालने पर उनके मुंह पर जालीदार मास्क लगाने, निराश्रित कुत्तों का बधियाकरण कराने, उनको शेल्टर होम में रखने के संबंध में नगर निगम द्वारा प्रभावी नीति बनाने, पीडि़त बच्चों का बेहतर इलाज कराने तथा उनको आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग याचिका में की गई है। एडवोकेट गुप्ता का कहना है कि कुत्तों द्वारा सबसे ज्यादा अपने दांतों से नुकसान पहुंचाया जाता है, यदि इन पालतू कुत्तों के मुंह पर मजल कवर, जालीदार मास्क लगा होता तो यह घटनाएं नहीं होती।