डोलो 650 पर छाया संकट

चाहे वो कोरोना हो या फिर वायरल डोलो 650 एक ऐसी दवा है जिसने बड़ी से बड़ी बीमारी से लड़ने में मदत की है. लेकिन आज उसी डोलो पर संकट के बादल छाये हुए है

कोरोना के दौरान डोलो की सेल सबसे ज़्यादा बढ़ी है. इसके चलते एक बार फिर डोलो और उसे बनाने वाली कंपनी माइक्रो लैब्स लिमिटेड चर्चा का विषय बानी हुई है आपको बता दे की लोगो का कहना है के डोलो कंपनी ने डॉक्टरो को 1000 करोड़ रूपए से ज़्यादा का उपहार दिया है ताकि वो मरीज़ो को अधिक से अधिक उनकी दवा लिख कर दे।

सुप्रीम कोर्ट में चल रही कारवाही के दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने अपना अनुभव बताते हुए कहा के जब उनके कोरोना हुआ था तब डॉक्टर ने उन्हें भी डोलो ही लिख कर दिया था जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के साथ जस्टिस एएस बोपन्ना भी थे. पीठ की सारी दलीले सुने के बाद कोर्ट ने कहा है कि ये एक गंभीर मुद्दा है और हम इसे बाकि कारवाही की तरह नहीं देख रहे है. याचिका के दौरान ड्रग फार्मूलेशन और दवाई के कीमतों पर सवाल उठते हुए केंद्र सरकर से हफ्ते भर के अंदर उनकी प्रतिक्रिया मांगी है।

आपको बतादे यह मामला पहली बार तब सामने आया जब इनकम टैक्स ने डोलो 650 बनाने वाली कम्पनी कंपनी माइक्रो लैब्स लिमिटेड पर 6 जुलाई को उनके 9 राज्यों के 36 ठिकानो पर छपा मारा सीबीआई ने बताया के छापे के दौरान कई दस्तावेज प्राप्त हुए जिस में सेल्स और प्रमोशन के नाम पर कई उपहार के एंट्री थी और उससे unallowable expense के नाम से लिखा था और जिसका खर्चा 1000 करोड़ था छापे मारी के दौरान ऐसे कई और जानकारी मिल है।