जलस्तर बढऩे से फसलें बर्बाद

अमर भारती संवाददाता
चौसाना। यमुना का जलस्तर बढऩे के बाद लोगों की सैकड़ों बीघा गन्ना एवं पशुओं के चारे की फसल बह गई। जिससे ग्रामीण किसानों की मुसीबत बढ़ गई हैं । किसानों ने फसल को बर्बाद होने से बचाने के लिए अपनी फसल को काट लिया ताकि पशुओं के चारे का इस्तेमाल किया जा सके। किसानों का कहना है कि लगातार यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है और फसल बर्बाद होने से किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है।
पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश के बाद हथिनी कुंड बैराज से पानी को छोड़ा जा रहा है जिससे यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। यमुना का जलस्तर बढऩे के बाद लक्ष्मीपुरा , भड़ी ,साल्हापुर, मंगलोरा, नाई नगला के किसानों की फसल यमुना के तेज बहाव में बह गई। किसानों का कहना है कि अधिकांश फसल गन्ना, पशुओं का चारा एवं धान की फसल यमुना में बह रही है। जिससे किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि पशुओं का चारा एवं गन्ने की कुछ फसल को हम लोग यमुना के तेज बहाव से बचा रहे हैं ताकि उसका इस्तेमाल किया जा सके। किसान यमुना के तेज बहाव में अपनी जान को जोखिम में डालकर किसान अपनी फसल को बचाने में जुटे हैं। जिन किसानों का नुकसान हुआ है उनमें सराजू,नूरा,बसीर,
जफरू, इस्लाम ,साबिर ,मुकर्रम, शकील ,अफजाल ,मुकीम आदि लोग शामिल है।